हवाई यात्रा और वायुयान के बारे में रोचक तथ्य

बड़े हवाई जहाज या वायुयान में ईंधन जेट फ्यूल (Jet fuel) उसके पंखों में भरा जाता है. हवाई जहाज के पंख कमजोर दिखते हैं लेकिन बहुत मजबूत होते हैं. पंखों के भीतर स्थित सील्ड टंकियों में यह ईंधन स्टोर किया जाता है.

फ़्लाइट डेटा रिकॉर्डर (flight data recorder) को हम सामान्यतः ब्लैक बॉक्स (Black box) के नाम से जानते हैं. इसका रंग काला नहीं बल्कि नारंगी (orange) होता है ताकि यह दुर्घटना हो जाने पर मलबे में जल्दी से खोजा जा सके. इसे विमान के सबसे पिछले सिरे पर लगाया जाता है. यदि यह मलबे में खो जाता है तो इसमें से निकलनेवाले सिग्नल से इसे खोजने में आसानी होती है.

हवाई जहाज के चलते हुए इंजन को ओले, बारिश, पक्षी, बर्फ और तेज धार पर हजारों गैलन पानी छोड़कर कई बार जांचा जाता है. इंजन के पंखे के ब्लेड तक को तोड़कर यह देखा जाता है कि इससे हवाई यात्रा में कितनी समस्या आ सकती है.

हवाई जहाज के टायरों में कारों और बाइकों की तरह नाइट्रोजन गैस भरी जाती है. इसका कारण यह है कि टेक ऑफ़ और लैंडिंग के समय टायर बहुत अधिक गरम हो जाते हैं. बहुत गरम टायर के भीतर नाइट्रोजन होने से आग लगने का खतरा कम हो जाता है.

बहुत ऊंचाई पर उड़ रहे हवाई जहाज एक प्रेशर टैंक की तरह काम करते हैं. 35,000 फीट की ऊंचाई पर विमान के बाहर हवा का दबाव और तापमान बहुत कम हो जाता है. ऐसी स्थिति में विमान के भीतर सामान्य वातावरण बनाए रखने के लिए बहुत शक्तिशाली कम्प्रेसर एयर कंडीशनिंग करके हवा को ऊंचे दबाव पर केबिन में भेजते हैं.

बड़े जेट इंजन से निकलनेवाला एक्जॉस्ट प्रेशर इतना शक्तिशाली होता है कि किसी मंझौली कार को भी पलट सकता है. इसे जेटब्लास्ट (jetblast) कहते हैं.

जब विमान एयरपोर्ट पर खड़ा होता है तो इसकी मशीनरी और लाइटों को बिजली APU नामक एक यंत्र से मिलती है. APU वास्तव में एक छोटा सा जेट इंजन होता है जो विमान के सबसे पिछले सिरे पर लगा होता है. इससे निकलते हुए एक्जॉस्ट को आसानी से देखा जा सकता है.

किसी भी इमरजेंसी या क्रेश लेंडिंग से पहले विमान में मौजूद ईंधन की बहुत बड़ी मात्रा कोवायुमंडल में डंप कर दिया जाता है ताकि विमान का भार कम हो जाए और क्रेश होने पर बहुत सारे ईंधन में आग न लग पाए. वातावरण में छोड़ा जानेवाला ईंधन पलक झपकते ही उड़ जाता है और सामान्यतः धरती तक नहीं पहुंच पाता.

अधिक ऊंचाई पर उड़ते समय यदि आप विमान में पानी की बोतल खोलकर कुछ पानी पीकर बोतल को बंद कर देते हैं तो विमान की ऊंचाई कम होने पर वह बोतल सिकुड़ने लगती है क्योंकि ऊंचाई पर वायुमंडल का दबाव धरती की तुलना में कम होता है.

क्या आप जानते हैं कि शाम या रात के वक्त किसी भी यात्री विमान की लेंडिग से पहले केबिन की बत्तियां क्यों डिम (मंद) कर दी जाती हैं? ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि आपकी आंखें विमान के बाहर के अंधेरे के लिए समायोजित हो जाएं. लेकिन क्यों? ताकि लैंडिग के समय किसी भी अनहोनी या हादसे के कारण यदि आप विमान के बाहर हों तो आपकी आंखें अंधेरे में देख सकें क्योंकि तेज रौशनी से अचानक अंधेरे में आने पर आंखें कुछ देख नहीं पातीं. विमान के भीतर कुछ देर अंधेरे में रहने पर आंखों की पुतली फैल जाती है और अंधेरे में देख पाना आसान हो जाता है. (featured image)

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