सौरमंडल में प्लूटो के बाद क्या है?

सौरमंडल में प्लूटो के परे बहुत कुछ है. वास्तव में सौरमंडल इतना विशाल है कि हमें यह ज्ञात नहीं है कि इसकी बाहरी सीमा कहां है. प्लूटो तो सौरमंडल के 1,000वें भाग से भी कम में स्थित है. इससे आप अनुमान लगा सकते हैं कि सौरमंडल कितना विशाल हो सकता है.

सुविधा के लिए हम यह मान लेते हैं कि प्रश्न में नेपच्यून के परे स्थित पिंडों के बारे मे पूछा गया है, क्योंकि प्लूटो का परिक्रमा पथ बाकी ग्रहों से अलग है और कुछ इस प्रकार का दिखता है:

नेप्चूयन के बाद स्थित पिंडों को ट्रांस-नेप्च्यूनियन ऑब्जेक्ट्स (Trans-Neptunian Objects या TNOs) कहा जाता है.

हमारा सौरमंडल बहुत जटिल है. हम इसके विभिन्न घटकों के बीच की विशाल दूरियां बताने के लिए किलोमीटर या मील के स्थान पर माप की एक दूसरी यूनिट का उपयोग करते हैं जिसे एस्ट्रोनॉमिकल यूनिट (Astronomical Unit या AU) कहते हैं. 1 AU सूर्य से पृथ्वी के बीच की दूरी है जो लगभग 15 करोड़ किलोमीटर है. इस यूनिट के आधार पर हम सौरमंडल में स्थित पिंडों को इस प्रकार बांट सकते हैं.

0 से 3.5 AU: यह आंतरिक सौरमंडल है जिसमें जिसमें ठोस ग्रह (बुध, शुक्र, पृथ्वी, और मंगल) 1.5 AU तक हैं और मंगल व बृहस्पति के बीच उल्का व क्षुद्रग्रहों की बेल्ट (Asteroid  Belt) है जो 3.5 AU तक मिलती है. इसी क्षेत्र में विशाल ग्रहिकाएं और वेस्टा (Vesta) जैसे छद्म ग्रह भी हैं. सबसे बड़ी ग्रहिका या लघु ग्रह सेरेस (Ceres) भी इसी क्षेत्र में है.

3.5 AU से 30 AU: यह बाह्य सौरमंडल है जिसमें बाहरी विशाल गैसीय ग्रह (बृहस्पति, शनि, यूरेनस, और नेपच्यून) और सैंटॉर (Centaurs) नामक छोटे पिंड हैं जिनके परिक्रमा पथ बृहस्पति और नेपच्यून के मध्य हैं.

30 AU से 150 AU: इस रहस्यमय क्षेत्र में ट्रांस-नेप्च्यूनियन ऑब्जेक्ट्स हैं. यहां बर्फीली चट्टानों वाली कुइपर बेल्ट (Kuiper Belt) है जो 30 से 50 AU तक फैली है. इस क्षेत्र में लगभग एक लाख पिंड हैं जिनमें से ज्यादातर प्लूटो जैसे लघु ग्रह हैं. प्लूटो लगभग 39 AU की दूरी पर है. दो अन्य लघु ग्रह हौमिया (Haumea) और मेकमेक (Makemake) प्लूटो के फौरन बाद ही परिक्रमा करते हैं. स्कैटर्ड डिस्क (Scattered Disc) नामक क्षेत्र में भी बर्फीली चट्टानें हैं जो धूमकेतु बन जाती हैं. यह डिस्क 40 AU से 150 AU तक फैली हुई है. अंतिम प्रमाणित लघु ग्रह एरिस (Eris) इस क्षेत्र में 68 AU पर परिक्रमा करता है. इसके आगे के क्षेत्र के नक्शे बनने बाकी हैं.

100 AU से 2,000 AU : यह वह स्थान है जिसके बारे में हम बहुत कम जानते हैं. हमने यहां कई पिंड खोजे हैं लेकिन अभी बहुत कुछ जानना बाकी है. यहां एक प्रसिद्ध लघु ग्रह सेडना (Sedna) है जो अपनी निकटतम दूरी पर 76 AU और अधिकतम दूरी पर 940 AU पर परिक्रमा करता है. यहां कई असंलग्न पिंड (Detached Objects) हैं. इन्हें असंलग्न इसलिए कहते हैं क्योंकि इनका परिक्रमा पथ नेपच्यून या अन्य गैसीय ग्रहों के गुरुत्व से प्रभावित नहीं होता. इन्हें सेडनॉइड्स (Sednoids) भी कहते हैं.

2,000 AU से 20,000 AU : यह परिकल्पनात्मक आंतरिक ऊर्ट बादल (Inner Oort Cloud) का क्षेत्र है जहां से अनेक धूमकेतु और अन्य पिंड कुइपर बेल्ट तक चले आते हैं.

20,000 AU से 50,000 AU/100,000 AU: यह परिकल्पनात्मक बाह्य ऊर्ट बादल (Outer Oort Cloud) का क्षेत्र है. हम जिन धूमकेतुओं के बारे में जानते हैं उनमें से अधिकांश इसी क्षेत्र से आते हैं. यहां 10 खरब (1 trillion) पिंड हो सकते हैं. लेकिन वास्तविकता यह है कि ऊर्ट क्लाउड के अस्तित्व पर खगोलशास्त्री अभी भी सुनिश्चिकत नहीं हैं.

संक्षेप में कहें तो हम सौरमंडल में प्लूटो के परे स्थित बहुत से पिंडों के बारे में जानते हैं. प्लूटो सौरमंडल के 1/8000वें भाग पर स्थित है. हम चाहे कितना ही खोज लें पर हम इसके परे इतना कुछ है कि हमें हमेशा ही ऩई-नई जानकारियां मिलती रहेंगी. (top image credit)

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