एलियंस के आक्रमण की स्थिति में क्या मनुष्य वाकई जीत सकेंगे?

हॉलीवुड की बहुत सी फिल्मों में एलियंस के आक्रमण दिखाए गए हैं. लगभग हर फिल्म में यह दिखाया गया है कि प्रारंभ में एलियंस का पलड़ा भारी रहता है लेकिन अंत तक परिस्तिथियां इस प्रकार से बदलती हैं कि मनुष्य विजित होते हैं.

लेकिन फिल्मों में जिस प्रकार से एलियंस के आक्रमण दिखाए जाते हैं वास्तविकता में वे उसके बहुत उलट हो सकते हैं.

महान अंग्रेज लेखक एच. जी. वेल्स (H G Wells) यह बात 1898 में ही समझ गए थे. उनके उपन्यास “The War of the Worlds” में पृथ्वी पर एलियंस का आक्रमण दिखाया गया है. इस उपन्यास पर कई फिल्में बन चुकी हैं. 2005 में स्टीवन स्पीलबर्ग ने इसपर फिल्म बनाई थी जिसमें मुख्य भूमिका टॉम क्रूज़ ने निभाई है.

बहरहाल, वास्तविकता में एलियंस का आक्रमण फिल्मी अंदाज़ में होने की संभावना कम इसलिए है क्योंकि पृथ्वी का अपना बायोस्फ़ीयर है. पृथ्वी की सतह पर वातावरण है जिसमें जीवित प्राणी रहते हैं. इनमें से कुछ प्राणी बहुत छोटे हैं और अधिकांश प्राणी पूर्णतः विकसित हो चुके हैं. ये प्राणी एक-दूसरे को अपना भोजन बनाते हैं. कुछ प्राणी वनस्पति खाते हैं जबकि कुछ केवल दूसरे जंतुओं को अपना भोजन बनाते हैं. इस सभी प्राणियों में वायरस सबसे अधिक खतरनाक नहीं हैं क्योंकि किसी भी वायरस को जीवित रहने के लिए उसके जैसे ही DNA वाले होस्ट की ज़रूरत होती है. वास्तव में सबसे खतरनाक जीव बैक्टीरिया हैं क्योंकि वे बहुत सूक्ष्म होते हैं और स्वयं को बहुत तेजी से बांटकर या रेप्लीकेट करके फैल सकते हैं.

अंतरिक्ष में यात्रा करनेवाले किसी भी बुद्धिमान परग्रहवासी एलियन को इन तथ्यों की जानकारी भी होगी और प्रारंभ में वे हमारे बायोस्फेयर से दूरी बनाए रखना ही पसंद करेंगे. हमारे ग्रह पर कब्जा करने के लिए उन्हें सबसे महत्वपूर्ण दो कार्य करने होंगेः

1. पृथ्वी के संपूर्ण जीवन का खात्मा – यह व्यावहारिक भी नहीं है और संभव भी नहीं है. पृथ्वी से पूरे जीवन का खात्मा करने के लिए एलियंस को ऐसे उपाय करने होंगे जिनसे पृथ्वी चौपट हो जाएगी. इसमें समय भी बहुत लगेगा. और उससे भी ज्यादा समय पृथ्वी को फिर से जीवनोपयोगी ग्रह बनाने में लगेगा जहां एलियंस को बैक्टीरिया का खतरे का दोबारा सामना न करना पड़े.

2. हमारे संसाधनों का दोहन करने के लिए रोबोट्स भेजना – एलियंस के लिए सबसे बुद्धिमानीपूर्ण उपाय यह होगा कि वे ऐसे रोबोट्स भेजें जो मनुष्यों द्वारा किए जा सकने वाले हर नुकसान का सामना कर सकें. जिन रोबोट्स का हम कुछ नहीं बिगाड़ सकते वे हमें नज़रअंदाज़ करके अपना काम करते रहेंगे. हमारे ऊपर व्यापक आक्रमण करके हमें किसी युद्ध में झोंककर समाप्त करने का विचार एलियंस को जंचेगा नहीं क्योंकि यह संसाधनों की बर्बादी होगी.

ज़रा सोचिए, पृथ्वी में आखिर ऐसा क्या है जो पूरे ब्रह्मांड में विचरण कर रही एलियन प्रजातियों को दूसरे ग्रहों पर आसानी से नहीं मिलेगा?

इस बात पर विचार करने पर मुझे लगता है कि पृथ्वी पर आक्रमण करनेवाले एलियंस के पास संसाधनों पर कब्जा करने इच्छा होने की बजाए कोई ऐसा कारण होना चाहिए जो अधिक तर्कसंगत हो. संसाधनों पर कब्जा करने की नीति व्यावहारिक नहीं जान पड़ती भले ही अंतरिक्ष में पृथ्वी जैसे ग्रह दुर्लभ हों.

ऐसे में एच. जी. वेल्स को एलियंस के आक्रमण के लिए जो कारण अधिक उपयुक्त लगा व है द्वेष या ईर्ष्या.

वेल्स के एलियंस हमारे सौरमंडल के ही किसी अन्य ग्रह से आए थे. इस प्रकार उन्हें हम तक पहुंचने के लिए कोई सुपर एडवांस्ड टैक्नोलॉजी की ज़रूरत नहीं पड़ी. यदि हम भी बहुत ही बड़े पैमाने पर प्रयास करते तो मंगल ग्रह पर 1970 के दशक में ही जा सकते थे . ठीक उसी तरह एलियंस को भी अति बुद्धिमान या आर्थिक या दार्शनिक पैमाने पर अति विकसित होने की ज़रूरत नहीं है. यह भी ज़रूरी नहीं है कि एलियंस को पृथ्वी की माइक्रोबायोलॉजी का अच्छा ज्ञान हो. चंद्रमा तक जाने के लिए हमें माइक्रोबायोलॉजी पढ़ने की कोई ज़रूरत महसूस नहीं हुई.

वेल्स के एलियंस अपने छोटे, सूखे और कठिन वातावरण वाले ग्रहों में बैठे-बैठे मनुष्यों का अनेक दशकों से अध्ययन कर रहे थे. वे हमें पर्याप्त रूप से विकसित होते देख रहे थे और सही समय आने पर उन्होंने सोचा कि वे हमारी प्रगति का स्वाद चखना चाहेंगे. वे हमारे वातावरण में प्रवेश कर गए और यह कदम उनके लिए विनाशकारी सिद्ध हो गया. उन्हें हमने नहीं हराया बल्कि पृथ्वी के सूक्ष्मजीवीयों ने हराया जिनकी उन्हें कोई खास जानकारी नहीं थी.

लेकिन यदि हमें फिल्मों की तरह ही एलियंस पर विजय पानी हो तो ऐसा निम्नलिखित परिस्तिथियों में ही हो सकता हैः

  • जब एलियंस हमारे ग्रह पर एडाप्ट न कर पाएं, इसके वातावरण से सामंजस्य न स्थापित कर पाएं. इस स्थिति में हमारा पलड़ा भारी होगा. फिल्म War of the Worlds में यह दिखाया गया है.
  • जब एलियंस के सबसे मजबूत पक्ष उनकी कमजोरियां बन जाएं और हम इतने स्मार्ट हों कि इस बात का पता लगा सकें. फिल्म Independence Day में हमने यही किया जब एलियंस के मदरशिप को कंप्यूटर वायरस से संक्रमित करके उनकी रक्षा शील्ड तोड़ दी.
  • हमें भाग्यवश कुछ ऐसा मिल जाए जो हमने कभी सोचा ही न हो. जैसा Transformers फिल्म में दिखाया गया है. Ender’s Game में भी कुछ ऐसा ही है.
  • कोई इतना स्मार्ट हो जो बहुत अनसुलझी सी पहेली को हल कर सके जैसा फिल्म Edge of Tomorrow में हुआ.
  • जब हम उनसे तकनीक में अधिक सक्षम हों.
  • या जब हम आज की नहीं बल्कि भविष्य में कहीं आगे की अति उन्नत सभ्यता हों. (image credit)
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